ECG का फुल फॉर्म और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां – आप सब तो जानते ही हैं कि आज का समय पूरी तरीके से आधुनिक बन गया है , और इसी आधुनिकता को अपनाने के साथ – साथ आज के समय में हॉस्पिटल के अंतर्गत भी ऐसे बहुत सारे मशीन और उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है , जिनके माध्यम से लोगों की जांच से लेकर इलाज तक के कार्य को काफी आसानी के साथ किया जाता है। इन्हीं उपकरणों में से एक है ईसीजी ।

ईसीजी के बारे में आप में से बहुत से लोग जानते ही होंगे , परंतु यदि आप नहीं जानते हैं तो हमारे इस आर्टिकल के अंत तक जरूर बने रहें , क्योंकि आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के अंतर्गत ईसीजी के बारे में संपूर्ण जानकारी देंगे । तो चलिए इस विषय के बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।

ECG क्या होता है

ईसीजी का फुल फॉर्म होता है इलेक्ट्रो कॉर्डियो ग्राफी । यह आमतौर पर एक तरह का टेस्ट होता है जो कि दिल के इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को जांचने के लिए किया जाता है। इस टेस्ट के माध्यम से आपको यह पता चलता है कि आपका हृदय सामान्य स्थिति से काम कर रहा है कि नहीं। इस टेस्ट को जोखिम भरा प्रक्रिया भी माना जाता है क्योंकि यदि आपके हृदय में किसी भी तरह का परेशानी है तो इस टेस्ट को किया जाता है जिसे करने के लिए शरीर के अंग जैसे हाथ पैर और छाती जैसे विशेष स्थानों पर इलेक्ट्रोड करके किया जाता है। इस टेस्ट के अंतर्गत हृदय की इलेक्ट्रिकल गतिविधियों को कागज पर लाइन ट्रेसिंग के माध्यम से दर्शाया जाता है जो कि आमतौर पर एक वेव की तरह नजर आती है।

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ECG की आवश्यकता क्यों है:-

ईसीजी का इस्तेमाल ह्रदय से जुड़े हुए बहुत से चीजों के बारे में पता लगाने के लिए किया जाता है , जो कि स्वस्थ रहने के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं, जैसे कि:-

● हृदय के कक्षों की दीवारों की मोटाई
● सीने में दर्द होने के कारण कोलेस्ट्रोल का जमा होना
● हृदय का एक साइड से बढ़ जाना
● दिल के दौरे की संभावना
● असामान्य हृदय की लय
● मधुमेह या उच्च रक्तचाप से पीड़ित

इस टेस्ट के माध्यम से किसी भी व्यक्ति के हृदय से जुड़े हुए अनेक प्रकार की बीमारियों के बारे में पता लगाया जा सकता है और समय रहते उनका इलाज भी किया जा सकता है । इसीलिए आज के समय में इस चीज की आवश्यकता अधिक है।

ईसीजी टेस्ट करने के कुछ महत्वपूर्ण कारण:-

ईसीजी टेस्ट करने के वैसे तो बहुत से कारण है , परंतु चलिए उन्हीं में से कुछ कॉमन कारण के बारे में जानते हैं:-

  1. दिल का दौरा पड़ना:- इस टेस्ट के माध्यम से दिल के दौरे के बारे में भी पता किया जाता है , किसी भी व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ने से खून के प्रवाह में रुकावट होता है, जिसके कारण दिल में मौजूद टिशु में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और मृत्यु होने की संभावना बढ़ जाती है । इसी बीमारी को रोकने के लिए ईसीजी टेस्ट किया जाता है।
  2. दिल के आकार में कमी:- इस टेस्ट के माध्यम से दिल के आकार के बारे में भी पता किया जाता है क्योंकि आज के समय में ऐसे बहुत से मरीज है जिनके दिल के आकार में कमी होती है। इस टेस्ट के माध्यम से यह पता चलता है कि दिल के वाल्व एक दूसरे से बड़े हैं या नहीं और हृदय रक्त पेप करने के लिए नॉर्मल से ज्यादा मेहनत कर रहा है कि नहीं।
  3. इलेक्ट्रोलाइट मैसेज लेना:- इस टेस्ट के माध्यम से हृदय के मांसपेशियों के लय को बरकरार रखने का कार्य किया जाता है , क्योंकि पोटेशियम , कैल्शियम और मैग्नीशियम एक ऐसे इलेक्ट्रोलाइट है जिसकी जरूरत हमारे शरीर और विशेष रूप से हृदय को होते हैं।
  4. दिल के रिदम में असमानताएं :- आप सब तो जानते ही हैं कि सभी दिल एक बैलेंस रिदम में धड़कता है , यदि किसी भी व्यक्ति का दिल असामान्य रिदम में धड़कता है तो इस टेस्ट के माध्यम से इसे बड़ी आसानी के साथ पता लगाया जा सकता है।

ईसीजी टेस्ट के लाभ:-

ईसीजी टेस्ट दिल के मरीजों के लिए एक काफी अच्छा और सस्ता टेस्ट है। इस टेस्ट के माध्यम से दिल से जुड़ी हुई बहुत सी बीमारियों के बारे में बड़ी ही आसानी के साथ पता लगाया जा सकता है, और समय रहते उनका इलाज भी किया जा सकता है। टेस्ट कराने के बहुत से फायदे होते हैं जैसे कि- दिल की इलेक्ट्रिकल एक्सेस को पता करना ,

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